अथर्ववेद (कांड 19)
गोभि॑ष्ट्वा पात्वृष॒भो वृषा॑ त्वा पातु वा॒जिभिः॑ । वा॒युष्ट्वा॒ ब्रह्म॑णा पा॒त्विन्द्र॑स्त्वा पात्विन्द्रि॒यैः ॥ (१)
हे विवृत नाम की मणि धारण करने वाले पुरुष! सांड़ गायों के साथ तुम्हारी रक्षा करे तथा प्रजनन करने में समर्थ अश्व घोड़ों के साथ तुम्हारी रक्षा करे. अंतरिक्ष में विचरण करने वाले वायु देवता यज्ञलक्षण वाले कर्म के द्वारा तुम्हारी रक्षा करें. इंद्र देवता इंद्रियों के साथ तुम्हारी रक्षा करें. (१)
O man who wears a gem of the open name! May the bull protect you with cows and the horses capable of breeding protect you with horses. Protect you through the action of the vayu devta yajna nakshatra, who roams in space. May Indra devta protect you with the senses. (1)