अथर्ववेद (कांड 19)
ये दे॑वा दि॒व्येका॑दश॒ स्थ ते॑ देवासो ह॒विरि॒दं जु॑षध्वम् ॥ (११)
जो आदित्य नाम के देव द्युलोक में एकादश हैं, वे इस हवन किए जाते हुए हवि का सेवन करें. (११)
Those who are eleven in Dev Dyulok named Aditya, they should consume Havi while performing this havan. (11)