हरि ॐ

अथर्ववेद (Atharvaved)

अथर्ववेद 19.27.13

कांड 19 → सूक्त 27 → मंत्र 13 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

अथर्ववेद (कांड 19)

अथर्ववेद: | सूक्त: 27
ये दे॑वा पृथि॒व्यामेका॑दश॒ स्थ ते॑ देवासो ह॒विरि॒दं जु॑षध्वम् ॥ (१३)
जो आदित्य नाम के देव पृथ्वी पर एकादश हैं, वे इस हवन किए जाते हुए हवि का सेवन करें. (१३)
Those who are eleven on earth, the god named Aditya, they should consume Havi while performing this havan. (13)