हरि ॐ

अथर्ववेद (Atharvaved)

अथर्ववेद 5.15.7

कांड 5 → सूक्त 15 → मंत्र 7 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

अथर्ववेद (कांड 5)

अथर्ववेद: | सूक्त: 15
स॒प्त च॑ मे सप्त॒तिश्च॑ मेऽपव॒क्तार॑ ओषधे । ऋत॑जात॒ ऋता॑वरि॒ मधु॑ मे मधु॒ला क॑रः ॥ (७)
हे ऋतु के अनुसार उत्पन्न ओषधि! मेरी निंदा करने वाले चाहे सात और सत्तर अर्थात्‌ सतहत्तर हों, पर तू मेरी वाणी को मधुर बना, क्योंकि तू मधुर है. (७)
O medicine produced according to the season! Those who condemn Me may be seven and seventy, seventy-seven, but make my voice sweet, for you are sweet. (7)