अथर्ववेद (कांड 5)
वि॒षमे॒तद्दे॒वकृ॑तं॒ राजा॒ वरु॑णोऽब्रवीत् । न ब्रा॑ह्म॒णस्य॒ गां ज॒ग्ध्वा रा॒ष्ट्रे जा॑गार॒ कश्च॒न ॥ (१०)
राजा वरुण ने कहा है कि ब्राह्मण का धन देवों द्वारा निर्मित विष ही है. ब्राह्मण की गाय को मार कर राष्ट्र में कोई भी जीवित नहीं रहता. (१०)
King Varuna has said that the wealth of a Brahmin is the poison created by the gods. No one survives in the nation by killing a Brahmin's cow. (10)