हरि ॐ

अथर्ववेद (Atharvaved)

अथर्ववेद 5.22.7

कांड 5 → सूक्त 22 → मंत्र 7 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

अथर्ववेद (कांड 5)

अथर्ववेद: | सूक्त: 22
तक्म॒न्मूज॑वतो गच्छ॒ बल्हि॑कान्वा परस्त॒राम् । शू॒द्रामि॑च्छ प्रप॒र्व्यं॑ तां त॑क्म॒न्वीव॑ धूनुहि ॥ (७)
हे तक्मा! तू मूंज वाले प्रदेश को अथवा बाह्लीक देश को अथवा उस से भी दूर चला जा. तू प्रसव अवस्था वाली दासी से मिल और उसे कंपित कर. (७)
O Takma! You go away from the moong region or the outer country or even from it. You meet the maid in the child's stage and shake her. (7)