अथर्ववेद (कांड 5)
स॑वि॒ता प्र॑स॒वाना॒मधि॑पतिः॒ स मा॑वतु । अ॒स्मिन्ब्रह्म॑ण्य॒स्मिन्कर्म॑ण्य॒स्यां पु॑रो॒धाया॑म॒स्यां प्र॑ति॒ष्ठाया॑म॒स्यां । चित्त्या॑म॒स्यामाकू॑त्याम॒स्यामा॒शिष्य॒स्यां दे॒वहू॑त्यां॒ स्वाहा॑ ॥ (१)
सविता सभी उत्पन्न पदार्थो के अधिपति हैं. वे इस ब्रह्म कर्म में, इस पुरोधा में, इस संकल्प में, इस देवाहूवान कर्म में तथा आशीर्वाद रूप कर्म में मेरी रक्षा करें. (१)
Savita is the ruler of all the products. May they protect me in this Brahma Karma, in this forefather, in this resolution, in this divine deed and in the form of blessings. (1)
अथर्ववेद (कांड 5)
अ॒ग्निर्वन॒स्पती॑ना॒मधि॑पतिः॒ स मा॑वतु । अ॒स्मिन्ब्रह्म॑ण्य॒स्मिन्कर्म॑ण्य॒स्यां पु॑रो॒धाया॑म॒स्यां प्र॑ति॒ष्ठाया॑म॒स्यां चित्त्या॑म॒स्यामाकू॑त्याम॒स्यामा॒शिष्य॒स्यां दे॒वहू॑त्यां॒ स्वाहा॑ ॥ (२)
अग्नि वनस्पतियों के अधिपति हैं. वह इस वेदोक्त पौरोहित्य कर्म में, प्रतिष्ठा में, संकल्प में, देवाहूवान कर्म में तथा आशीर्वाद रूप कर्म में मेरी रक्षा करें. (२)
Agni is the overswami of flora. May he protect me in this Vedokta Paurohita karma, in prestige, in resolve, in God's deeds and in the form of blessings. (2)
अथर्ववेद (कांड 5)
द्यावा॑पृथि॒वी दा॑तॄ॒णामधि॑पत्नी॒ स मा॑वतु । अ॒स्मिन्ब्रह्म॑ण्य॒स्मिन्कर्म॑ण्य॒स्यां पु॑रो॒धाया॑म॒स्यां प्र॑ति॒ष्ठाया॑म॒स्यां चित्त्या॑म॒स्यामाकू॑त्याम॒स्यामा॒शिष्य॒स्यां दे॒वहू॑त्यां॒ स्वाहा॑ ॥ (३)
द्यावा और पृथ्वी दाताओं के अधिपति हैं. वे इसे वेदोक्त, पौरोहित्य कर्म में, प्रतिष्ठा में, संकल्प, देवाहवान कर्म में तथा आशीर्वाद रूप कर्म में मेरी रक्षा करें. (३)
Dyawa and Earth are the overswamis of donors. May they protect me in Vedokta, Paurohitya Karma, Prestige, Resolve, Devavan Karma and Blessings. (3)
अथर्ववेद (कांड 5)
वरु॑णो॒ऽपामधि॑पतिः॒ स मा॑वतु । अ॒स्मिन्ब्रह्म॑ण्य॒स्मिन्कर्म॑ण्य॒स्यां पु॑रो॒धाया॑म॒स्यां प्र॑ति॒ष्ठाया॑म॒स्यां चित्त्या॑म॒स्यामाकू॑त्याम॒स्यामा॒शिष्य॒स्यां दे॒वहू॑त्यां॒ स्वाहा॑ ॥ (४)
वरुण जलों के अधिपति हैं. वह इस वेदोक्त पौरोहित्य कर्म में, प्रतिष्ठा में, संकल्प में, देवाहूवान कर्म में तथा आशीर्वाद रूप कर्म में मेरी रक्षा करें. (४)
Varuna is the overswami of waters. May he protect me in this Vedokta Paurohita karma, in prestige, in resolve, in God's deeds and in the form of blessings. (4)
अथर्ववेद (कांड 5)
मि॒त्रावरु॑णौ वृ॒ष्ट्याधि॑पती॒ तौ मा॑वताम् । अ॒स्मिन्ब्रह्म॑ण्य॒स्मिन्कर्म॑ण्य॒स्यां पु॑रो॒धाया॑म॒स्यां प्र॑ति॒ष्ठाया॑म॒स्यां चित्त्या॑म॒स्यामाकू॑त्याम॒स्यामा॒शिष्य॒स्यां दे॒वहू॑त्यां॒ स्वाहा॑ ॥ (५)
मित्र और वरुण वर्षा के अधिपति हैं. वे इस वेदोक्त पौरोहित्य कर्म में, प्रतिष्ठा में, संकल्प में, देवाहूवान कर्म में तथा आशीर्वाद रूप कर्म में मेरी रक्षा करें. (५)
Mitra and Varun are the overswamis of Varsha. May they protect me in this Vedokta Paurohitya karma, in prestige, in resolve, in Devahuvana karma and in karma as a blessing. (5)
अथर्ववेद (कांड 5)
म॒रुतः॒ पर्व॑ताना॒मधि॑पतय॒स्ते मा॑वन्तु । अ॒स्मिन्ब्रह्म॑ण्य॒स्मिन्कर्म॑ण्य॒स्यां पु॑रो॒धाया॑म॒स्यां प्र॑ति॒ष्ठाया॑म॒स्यां चित्त्या॑म॒स्यामाकू॑त्याम॒स्यामा॒शिष्य॒स्यां दे॒वहू॑त्यां॒ स्वाहा॑ ॥ (६)
मरुद्गण पर्वतों के अधिपति हैं. वे इस वेदोक्त पौरोहित्य कर्म में, प्रतिष्ठा में, संकल्प में, देवाहूवान कर्म में तथा आशीर्वाद रूप कर्म में मेरी रक्षा करें. (६)
The Deserts are the overswamis of the mountains. May they protect me in this Vedokta Paurohitya karma, in prestige, in resolve, in Devahuvana karma and in karma as a blessing. (6)
अथर्ववेद (कांड 5)
सोमो॑ वी॒रुधा॒मधि॑पतिः॒ स मा॑वतु । अ॒स्मिन्ब्रह्म॑ण्य॒स्मिन्कर्म॑ण्य॒स्यां पु॑रो॒धाया॑म॒स्यां प्र॑ति॒ष्ठाया॑म॒स्यां चित्त्या॑म॒स्यामाकू॑त्याम॒स्यामा॒शिष्य॒स्यां दे॒वहू॑त्यां॒ स्वाहा॑ ॥ (७)
सोम लताओं के स्वामी हैं, वह इस वेदोक्त पौरोहित्य कर्म में, प्रतिष्ठा में, संकल्प में, देवाहूवान कर्म में तथा आशीर्वाद रूप कर्म में मेरी रक्षा करें. (७)
Soma is the swami of the creepers, may he protect me in this Vedokta Paurohita karma, in prestige, in resolve, in Devahuvan karma and in the form of blessings. (7)
अथर्ववेद (कांड 5)
वा॒युर॒न्तरि॑क्ष॒स्याधि॑पतिः॒ स मा॑वतु । अ॒स्मिन्ब्रह्म॑ण्य॒स्मिन्कर्म॑ण्य॒स्यां पु॑रो॒धाया॑म॒स्यां प्र॑ति॒ष्ठाया॑म॒स्यां चित्त्या॑म॒स्यामाकू॑त्याम॒स्यामा॒शिष्य॒स्यां दे॒वहू॑त्यां॒ स्वाहा॑ ॥ (८)
वायु देव अंतरिक्ष के अधिपति हैं. वे इस वेदोक्त पौराहित्य कर्म में, प्रतिष्ठा में, संकल्प में, देवाहवान कर्म में तथा आशीर्वाद रूप कर्म में मेरी रक्षा करें. (८)
Vayu Dev is the overswami of space. May they protect me in this Vedokta Paurahitaya karma, in prestige, in resolve, in divine deeds and in action as blessings. (8)