हरि ॐ

अथर्ववेद (Atharvaved)

अथर्ववेद 6.13.3

कांड 6 → सूक्त 13 → मंत्र 3 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

अथर्ववेद (कांड 6)

अथर्ववेद: | सूक्त: 13
नम॑स्ते यातु॒धाने॑भ्यो॒ नम॑स्ते भेष॒जेभ्यः॑ । नम॑स्ते मृत्यो॒ मूले॑भ्यो ब्राह्म॒णेभ्य॑ इ॒दं नमः॑ ॥ (३)
हे मृत्यु! तुझ से संबंधित राक्षसों को नमस्कार है, जो लोगों को पीड़ा पहुंचाते हैं. तुझ से रक्षा करने वाली ओषधियों को नमस्कार है. तुझ से संबंधित मूल पुरुषों तथा शापानुग्रह समर्थ ब्राह्मणों के लिए नमस्कार है. (३)
O death! Salutations to the demons related to you, who hurt people. Salutations to the medicines who protect you from you. Salutations to the original men related to you and the cursed Brahmins. (3)