हरि ॐ

अथर्ववेद (Atharvaved)

अथर्ववेद 7.18.1

कांड 7 → सूक्त 18 → मंत्र 1 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

अथर्ववेद (कांड 7)

अथर्ववेद: | सूक्त: 18
धा॒ता द॑धातु नो र॒यिमीशा॑नो॒ जग॑त॒स्पतिः॑ । स नः॑ पू॒र्णेन॑ यच्छतु ॥ (१)
~ सभी साधनों से युक्त एवं जगत्‌ के पालक धाता देव हमारे लिए धन प्रदान करें. वे धाता देव हमें पूर्ण और समृद्ध करें. (१)
~ May Dhata Dev, the guardian of all means and the guardian of the world, provide wealth for us. May he, Dhata Dev, complete and enrich us. (1)