अथर्ववेद (कांड 7)
अनु॑मतिः॒ सर्व॑मि॒दं ब॑भूव॒ यत्तिष्ठ॑ति॒ चर॑ति॒ यदु॑ च॒ विश्व॒मेज॑ति । तस्या॑स्ते देवि सुम॒तौ स्या॒मानु॑मते॒ अनु॒ हि मंस॑से नः ॥ (६)
अनुमति देवी ही यह सारा दिखाई देता हुआ संसार है. वह जगत् में स्थावर, जंगम आदि के रूप में वर्तमान है एवं बिना विचारे ज्येष्ठता करती हैं. यह सारा संसार बुद्धिपूर्वक चेष्टा करता है. हे अनुमति देवी! हम तेरी अनुग्रह बुद्धि में हों. हे अनुमति! तुम हमें अनुमति दो. (६)
Permission Goddess is the whole visible world. She is present in the world as sthavar, jangam etc. and does seniority without thinking. This whole world tries wisely. O Permission Goddess! May we be in Your grace and wisdom. O permission! You allow us. (6)