अथर्ववेद (कांड 7)
इ॒दं विष्णु॒र्वि च॑क्रमे त्रे॒धा नि द॑धे प॒दा । समू॑ढमस्य पांसु॒रे ॥ (४)
सब के रक्षक और दूसरों के द्वारा पराजित न होने वाले विष्णु ने इस पृथ्वीलोक से आरंभ कर के प्राणियों को धारण करने वाले तीनों लोक धारण किए. (४)
Vishnu, the protector of all and not defeated by others, started from this earth and took the three worlds that possessed beings. (4)