हरि ॐ

अथर्ववेद (Atharvaved)

अथर्ववेद 7.86.3

कांड 7 → सूक्त 86 → मंत्र 3 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

अथर्ववेद (कांड 7)

अथर्ववेद: | सूक्त: 86
सोम॑स्यांशो युधां प॒तेऽनू॑नो॒ नाम॒ वा अ॑सि । अनू॑नं दर्श मा कृधि प्र॒जया॑ च॒ धने॑न च ॥ (३)
हे सोम अर्थात्‌ चंद्रमा के अंश रूप पुत्र अर्थात्‌ बुध एवं योद्धाओं के पालक! तुम सर्वदा तेजस्वी हो, इसलिए हे द्रष्टव्य बुध! हवि के द्वारा तुम्हारी पूजा करने वाले मुझ को पुत्र आदि प्रजा एवं धन से संपन्न बनाओ. (३)
O Soma means the son of the moon, that is, mercury and the guardian of the warriors! You are always brilliant, so O visionary Mercury! Make me, who worship you through Havi, be endowed with sons, people and wealth. (3)