हरि ॐ

अथर्ववेद (Atharvaved)

अथर्ववेद 7.88.2

कांड 7 → सूक्त 88 → मंत्र 2 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

अथर्ववेद (कांड 7)

अथर्ववेद: | सूक्त: 88
धाम्नो॑धाम्नो राजन्नि॒तो व॑रुण मुञ्च नः । यदापो॑ अ॒घ्न्या इति॒ वरु॒णेति॒ यदू॑चि॒म ततो॑ वरुण मुञ्च नः ॥ (२)
हे राजा वरुण! इन सभी रोग स्थानों से हमें त्याग दो तथा उन से संबंधी पापों से हमें बचाओ. हे जलों के स्वामी एवं हिंसा रहित वरुण! हम ने प्रसिद्ध देवों का नाम नले कर जो पाप किया है, उस से भी हमें बचाओ. (२)
O King Varuna! Forsake us from all these disease places and save us from the sins related to them. O Swami of waters and without violence! Save us from the sin we have committed by chanting the names of famous gods. (2)