हरि ॐ

अथर्ववेद (Atharvaved)

अथर्ववेद 7.88.3

कांड 7 → सूक्त 88 → मंत्र 3 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

अथर्ववेद (कांड 7)

अथर्ववेद: | सूक्त: 88
उदु॑त्त॒मं व॑रुण॒ पाश॑म॒स्मदवा॑ध॒मं वि म॑ध्य॒मं श्र॑थाय । अधा॑ व॒यमा॑दित्य व्र॒ते त॒वाना॑गसो॒ अदि॑तये स्याम ॥ (३)
हे वरुण! हमारे शरीर के ऊपरी भाग में स्थित अपने पाश को शिथिल करो तथा हमारे शरीर के मध्य भाग में स्थित अपने पाश को भी शिथिल करो. इस के पश्चात हे अदिति पुत्र वरुण! सभी पापों से छूट कर हम तुम्हारे कर्म में पापरहित होने के लिए सम्मिलित हों. (३)
O Varuna! Relax your loop in the upper part of our body and also relax your loop in the middle part of our body. After this, O Aditi son Varun! Get rid of all sins and join your karma to be sinless. (3)