हरि ॐ

अथर्ववेद (Atharvaved)

अथर्ववेद 8.7.14

कांड 8 → सूक्त 7 → मंत्र 14 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

अथर्ववेद (कांड 8)

अथर्ववेद: | सूक्त: 7
वैया॑घ्रो म॒णिर्वी॒रुधां॒ त्राय॑माणोऽभिशस्ति॒पाः । अमी॑वाः॒ सर्वा॒ रक्षां॒स्यप॑ ह॒न्त्वधि॑ दू॒रम॒स्मत् ॥ (१४)
वृक्षों से निर्मित वैयाघ्र मणि रक्षक एवं पवित्र करने वाली है. वह सभी रोगों और राक्षसों को हम से दूर करे. (१४)
The vayaghra gem made of trees is the protector and purifier. May he remove all diseases and demons from us. (14)