अथर्ववेद (कांड 9)
श॑क॒मयं॑ धू॒ममा॒राद॑पश्यं विषू॒वता॑ प॒र ए॒नाव॑रेण । उ॒क्षाणं॒ पृश्नि॑मपचन्त वी॒रास्तानि॒ धर्मा॑णि प्रथ॒मान्या॑सन् ॥ (२५)
मैं ने विषुवत एवं ऐनावर यज्ञ के द्वारा सर्वत्र व्याप्त धूम को समीप से देखा. वीरों ने शक्ति देने वाले सोमरस को पकाया. वे ही प्रमुख धर्म थे. (२५)
I saw from close quarters the smoke spread everywhere through the Equinox and The Enavar Yagya. The heroes cooked the power-giving someras. They were the main dharmas. (25)