हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 1.124.11

मंडल 1 → सूक्त 124 → श्लोक 11 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 1)

ऋग्वेद: | सूक्त: 124
अवे॒यम॑श्वैद्युव॒तिः पु॒रस्ता॑द्यु॒ङ्क्ते गवा॑मरु॒णाना॒मनी॑कम् । वि नू॒नमु॑च्छा॒दस॑ति॒ प्र के॒तुर्गृ॒हंगृ॑ह॒मुप॑ तिष्ठाते अ॒ग्निः ॥ (११)
युवती के समान पूर्व दिशा से आती हुई उषा अपने रथ में लाल रंग के बैलों को जोड़ती है. यह रूपरहित आकाश में अंधकार को मिटाती है. उषा के आने पर ही सब घरों में आग जलती है. (११)
Usha, who comes from the east direction like the young woman, adds red bulls to her chariot. It erases the darkness in the formless sky. It is only when Usha comes that all the houses are on fire. (11)