ऋग्वेद (मंडल 7)
या धा॒रय॑न्त दे॒वाः सु॒दक्षा॒ दक्ष॑पितरा । अ॒सु॒र्या॑य॒ प्रम॑हसा ॥ (२)
शोभन-बलयुक्त, शक्ति की रक्षा करने वाले एवं प्रकृष्ट तेज वाले मित्र व वरुण को देवों ने धारण किया है. (२)
The god has ensconced, the protector of power and the friend of the strongest and the one who has great speed and Varuna. (2)