हरि ॐ

सामवेद (Samved)

सामवेद 15.9.3

अध्याय 15 → खंड 9 → मंत्र 3 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

सामवेद (अध्याय 15)

सामवेद: | खंड: 9
त्वं यविष्ठ दाशुषो नॄँपाहि श‍ृणुही गिरः । रक्षा तोकमुत त्मना ॥ (३)
हे इंद्र! आप हमारी वाणी सुनिए. आप हमें अपनी शरण में लीजिए. आप अपने यजमानों की स्तुति पर ध्यान दीजिए. आप उन की रक्षा के लिए सचेष्ट रहने की कृपा कीजिए. (३)
O Indra! Listen to our voice. You take us to your shelter. Pay attention to the praise of your hosts. Please be careful to protect them. (3)