हरि ॐ

यजुर्वेद (Yajurved)

यजुर्वेद 12.57

अध्याय 12 → मंत्र 57 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

यजुर्वेद:
समि॑त॒ꣳ संक॑ल्पेथा॒ संप्रि॑यौ रोचि॒ष्णू सु॑मन॒स्यमा॑नौ। इष॒मूर्ज॑म॒भि सं॒वसा॑नौ ॥ (५७)
हे इंद्र देव! हम समान मति वाले हों. हम सब आपस में प्रिय हों. हम सब प्रकाशवान हों. हम सब एक साथ प्रेरित हों. हम सब समान ऊर्जस्वी हों. हमारे यज्ञ का सफलतापूर्वक समापन हो. (५७)
O Indra Dev! We are equal. May we all be dear to each other. May we all be light. May we all be inspired together. We are all equally energetic. May our yajna conclude successfully. (57)