हरि ॐ

यजुर्वेद (Yajurved)

यजुर्वेद 17.43

अध्याय 17 → मंत्र 43 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

यजुर्वेद:
अ॒स्माक॒मिन्द्रः॒ समृ॑तेषु ध्व॒जेष्व॒स्माकं॒ याऽइष॑व॒स्ता ज॑यन्तु। अ॒स्माकं॑ वी॒राऽउत्त॑रे भवन्त्व॒स्माँ२ऽउ॑ देवाऽअवता॒ हवे॑षु ॥ (४३)
हमारे इंद्र देव ध्वजों को अच्छी तरह फहराते हैं. हमारे शत्रुओं को जीते. हमारे बाण शत्रुओं को जीतें. हमारे वीर उत्तरोत्तर विजयी हों. देवगण यज्ञों में हमारी रक्षा करें. (४३)
Our Indra Dev hoists the flags well. Win our enemies. Conquer our arrow enemies. May our heroes progressively emerge victorious. May the gods protect us in the yagyas. (43)