हरि ॐ

यजुर्वेद (Yajurved)

यजुर्वेद 40.3

अध्याय 40 → मंत्र 3 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

यजुर्वेद:
अ॒सु॒र्य्याः᳕ नाम॒ ते लो॒काऽअ॒न्धेन॒ तम॒सावृ॑ताः। ताँस्ते प्रेत्यापि॑ गच्छन्ति॒ ये के चा॑त्म॒हनो॒ जनाः॑ ॥ (३)
जो गहन अंधकार से घिरे रहते हैं, वे लोग असुर्य कहलाते हैं. जो आत्मा का हनन करने बाले हैं, वे लोग प्रेत रूप में वैसे ही लोकों को प्राप्त होते हैं. (३)
Those who are surrounded by deep darkness are called asurayas. Those who are going to violate the soul, they get the same worlds in the form of ghosts. (3)