हरि ॐ

अथर्ववेद (Atharvaved)

अथर्ववेद 11.8.13

कांड 11 → सूक्त 8 → मंत्र 13 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

अथर्ववेद (कांड 11)

अथर्ववेद: | सूक्त: 8
आ॑दि॒त्या रु॒द्रा वस॑वो दि॒वि दे॒वा अथ॑र्वाणः । अङ्गि॑रसो मनी॒षिण॒स्ते नो॑ मुञ्च॒न्त्वंह॑सः ॥ (१३)
आदित्य, रुद्र और वसु देव स्वर्ग में निवास करते हैं. जो देव पृथ्वी पर शक्तिशाली हैं, वे हमें पाप से मुक्त करें. वेद मंत्रों के दृष्टा अंगिरा गोत्रीय ऋषि तथा मनीषी पाप से हमारी रक्षा करें. (१३)
Aditya, Rudra and Vasu Dev reside in heaven. May the gods who are powerful on earth free us from sin. Angira gotriya rishi and mystics should protect us from sin. (13)