हरि ॐ

अथर्ववेद (Atharvaved)

अथर्ववेद 11.8.14

कांड 11 → सूक्त 8 → मंत्र 14 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

अथर्ववेद (कांड 11)

अथर्ववेद: | सूक्त: 8
य॒ज्ञं ब्रू॑मो॒ यज॑मान॒मृचः॒ सामा॑नि भेष॒जा । यजूं॑षि॒ होत्रा॑ ब्रूम॒स्ते नो॑ मुञ्च॒न्त्वंह॑सः ॥ (१४)
हम यज्ञ की, यजमान की, ऋचाओं की, सामवेद के मंत्रों की, यजुर्वेद के मंत्रों तथा इन वेदों में बताई गई ओषधियों एवं होताओं की स्तुति करते हैं. वे हमें पाप से मुक्त करें. (१४)
We praise yajna, host, richas, mantras of Samaveda, mantras of Yajurveda and the medicines and hotas mentioned in these Vedas. Let them free us from sin. (14)