अथर्ववेद (कांड 14)
रा॒या व॒यंसु॒मन॑सः स्या॒मोदि॒तो ग॑न्ध॒र्वमावी॑वृताम् । अग॒न्त्स दे॒वः प॑र॒मंस॒धस्थ॒मग॑न्म॒ यत्र॑ प्रति॒रन्त॒ आयुः॑ ॥ (३६)
हम लोग धन के साथ उत्तम मन वाले हैं. हम यहां रहते हुए गंधर्वो को घेरें. वे हमारा नमस्कार स्वीकार करें. हम उन की कृपा प्राप्त करें. वह देव उस परम श्रेष्ठ स्थान को प्राप्त हुआ है, जहां अपनी आयु को दीर्घ बनाते हुए हम भी पहुंचते हैं. (३६)
We are good-minded with money. Let us surround the Gandharvas while staying here. Let them accept our greetings. We receive their grace. That God has attained that supreme best place, where we also reach while making our age long. (36)