अथर्ववेद (कांड 14)
दे॒वैर्द॒त्तंमनु॑ना सा॒कमे॒तद्वाधू॑यं॒ वासो॑ व॒ध्वश्च॒ वस्त्र॑म् । यो ब्र॒ह्मणे॑चिकि॒तुषे॒ ददा॑ति॒ स इद्रक्षां॑सि॒ तल्पा॑नि हन्ति ॥ (४१)
मनु के साथसाथ देवों द्वारा दिया हुआ विवाह के समय का यह वस्त्र वधू का वस्त्र है. यह निश्चित रूपसे पलंग पर रहने वाले राक्षसों का विनाश करता है. (४१)
This wedding cloth given by Manu as well as the devas is the bride's cloth. It definitely destroys the demons living on the bed. (41)