हरि ॐ

अथर्ववेद (Atharvaved)

अथर्ववेद 18.4.83

कांड 18 → सूक्त 4 → मंत्र 83 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

अथर्ववेद (कांड 18)

अथर्ववेद: | सूक्त: 4
नमो॑ वः पितरो॒यद्घो॒रं तस्मै॒ नमो॑ वः पितरो॒ यत्क्रू॒रं तस्मै॑ ॥ (८३)
हे पितरो! तुम्हारा जो घोर कर्म है, उस के लिए नमस्कार है. हे पितरो! तुम्हारा जो क्रूर कर्म है उस के लिए नमस्कार है. (८३)
O father! Salutations to your gross deeds. O father! Salutations to the cruel deeds of yours. (83)