अथर्ववेद (कांड 19)
यदा॑पो अ॒घ्न्या इति॒ वरु॒णेति॒ यदू॑चि॒म । तस्मा॑त्सहस्रवीर्य मु॒ञ्च नः॒ पर्यंह॑सः ॥ (९)
हे वरुण! हम ने जो कहा था, तुम जल के स्वामी होने के कारण उसे जानते हो. हे गायो! तुम मेरे चित्त को जानती हो. हे वरुण! मैं ने जो कहा है, उसे तुम जानते हो. हे हजार गुणी शक्ति वाले आंजन! हमें उस पाप से मुक्ति दिलाओ. (९)
O Varuna! You know what we said because you are the master of water. O sing! You know my mind. O Varuna! You know what I have said. O thousand times the power of the arrow! Free us from that sin. (9)