हरि ॐ

अथर्ववेद (Atharvaved)

अथर्ववेद 6.68.2

कांड 6 → सूक्त 68 → मंत्र 2 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

अथर्ववेद (कांड 6)

अथर्ववेद: | सूक्त: 68
अदि॑तिः॒ श्मश्रु॑ वप॒त्वाप॑ उन्दन्तु॒ वर्च॑सा । चिकि॑त्सतु प्र॒जाप॑तिर्दीर्घायु॒त्वाय॒ चक्ष॑से ॥ (२)
देव माता अदिति इस पुरुष के दाढ़ीमूंछ के बाल अलग करें. जल के देवता अपने तेज से उन्हें भिगोएं. प्रजापति चिरकाल तक जीवन के लिए एवं देखने के लिए इस की चिकित्सा करें. (२)
Dev Mata Aditi, separate the hair of this man's beard and mouth. God of water soak them with his glory. Prajapati should treat it for life forever and to see it. (2)