अथर्ववेद (कांड 7)
अ॑प॒चितां॒ लोहि॑नीनां कृ॒ष्णा मा॒तेति॑ शुश्रुम । मुने॑र्दे॒वस्य॒ मूले॑न॒ सर्वा॑ विध्यामि॒ ता अ॒हम् ॥ (१)
हम ने ऐसा सुना है कि लाल रंग की गंडमालाओं को उत्पन्न करने वाली कृष्णा नाम की राक्षसी है. इस प्रकार की बढ़ी हुई सभी गंडमालाओं को मैं द्योतमान अथर्वा ऋषि के द्वारा बताए हुए बाण से विदीर्ण करता हूं. (१)
We have heard that there is a demon named Krishna, who produces red colored gandmalas. I dissect all such enlarged gandmalas with the arrow mentioned by Dyotman Atharva Rishi. (1)