हरि ॐ

अथर्ववेद (Atharvaved)

अथर्ववेद 7.78.3

कांड 7 → सूक्त 78 → मंत्र 3 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

अथर्ववेद (कांड 7)

अथर्ववेद: | सूक्त: 78
त्वा॒ष्ट्रेणा॒हं वच॑सा॒ वि त॑ ई॒र्ष्याम॑मीमदम् । अथो॒ यो म॒न्युष्टे॑ पते॒ तमु॑ ते शमयामसि ॥ (३)
हे इ्ष्यायुक्त पुरुष! स्त्री के विषय में तेरा जो क्रोध है, उसे मैं त्वष्टा संबंधी मंत्र से दूर करता हूं. हे इस के पति! तेरा जो क्रोध है उसे भी मैं शांत करता हूं. (३)
This man! I remove your anger about the woman with a tvashta mantra. O husband of this! I also calm your anger. (3)