हरि ॐ

अथर्ववेद (Atharvaved)

अथर्ववेद (कांड 9)

अथर्ववेद: | सूक्त: 13
शीर्ष॒क्तिं शी॑र्षाम॒यं क॑र्णशू॒लं वि॑लोहि॒तम् । सर्वं॑ शीर्ष॒ण्यं ते॒ रोगं॑ ब॒हिर्निर्म॑न्त्रयामहे ॥ (१)
हम तेरे शीश के रोगों अर्थात्‌ शीर्षोक्ति, शीर्षामय और कर्ण शूल तथा विलोहित को तुझ से दूर करते हैं. (१)
We remove from you the diseases of your head, that is, headlessness, and ear-care and willing. (1)

अथर्ववेद (कांड 9)

अथर्ववेद: | सूक्त: 13
कर्णा॑भ्यां ते॒ कङ्कू॑षेभ्यः कर्णशू॒लं वि॒सल्प॑कम् । सर्वं॑ शीर्ष॒र्ण्यं ते॒ रोगं॑ ब॒हिर्निर्म॑न्त्रयामहे ॥ (२)
मैं तेरे कानों से तथा कानों के गङ्ढों से कर्णशूल अर्थात्‌ कानों के दर्द को तथा विसल्पक (विशेष कष्ट देने वाले)को दूर करता हूं. इस प्रकार मैं तेरे शीश संबंधी सभी रोगों को दूर करता हूं. (२)
I remove from your ears and from the necks of the ears, that is, the pain of the ears and the diffuser (the one who causes special pain). In this way, I remove all diseases related to your head. (2)

अथर्ववेद (कांड 9)

अथर्ववेद: | सूक्त: 13
यस्य॑ हे॒तोः प्र॒च्यव॑ते॒ यक्ष्मः॑ कर्ण॒त आ॑स्य॒तः । सर्वं॑ शीर्ष॒र्ण्यं ते॒ रोगं॑ ब॒हिर्निर्म॑न्त्रयामहे ॥ (३)
जिस सिर रोग के कारण यक्ष्मा रोग, कानों और मुख से प्रकाश में आता है, हम तेरे उस सिर रोग को पूर्णतया बाहर निकालते हैं. (३)
Due to the head disease, tuberculosis comes to light from the ears and mouth, we completely remove that head disease of yours. (3)

अथर्ववेद (कांड 9)

अथर्ववेद: | सूक्त: 13
यः कृ॒णोति॑ प्र॒मोत॑म॒न्धं कृ॒णोति॒ पूरु॑षम् । सर्वं॑ शीर्ष॒र्ण्यं ते॒ रोगं॑ ब॒हिर्निर्म॑न्त्रयामहे ॥ (४)
जो रोग पुरुष को शक्तिहीन बनाता है और अंधा कर देता है, तेरे उन सभी शीश संबंधी रोगों को मैं तुझ से बाहर निकालता हूं. (४)
The disease that makes a man powerless and blinds him, I take out all those diseases related to yours from you. (4)

अथर्ववेद (कांड 9)

अथर्ववेद: | सूक्त: 13
अ॑ङ्गभे॒दम॑ङ्गज्व॒रं वि॑श्वा॒ङ्ग्यं वि॒सल्प॑कम् । सर्वं॑ शीर्ष॒र्ण्यं ते॒ रोगं॑ ब॒हिर्निर्म॑न्त्रयामहे ॥ (५)
अंग भेद, अंग ज्वर, विश्वांग्य एवं विसल्पक-ये सभी शीश संबंधी रोग हैं. हम इन्हें पूर्ण रूप से तुझ से दूर करते हैं. (५)
Organ differences, organ fever, visceral and dysentery - all these are glass-related diseases. We completely remove them from you. (5)

अथर्ववेद (कांड 9)

अथर्ववेद: | सूक्त: 13
यस्य॑ भी॒मः प्र॑तीका॒श उ॑द्वे॒पय॑ति॒ पूरु॑षम् । त॒क्मानं॑ वि॒श्वशा॑रदं ब॒हिर्निर्म॑न्त्रयामहे ॥ (६)
जिस का भयानक आवेश मनुष्य को कंपित कर देता है, शरद ऋतु में होने वाले उस ज्वर को हम तुझ से पूर्ण रूप से दूर करते हैं. (६)
Whose terrible charge staggers man, we completely remove that fever from you in autumn. (6)

अथर्ववेद (कांड 9)

अथर्ववेद: | सूक्त: 13
य ऊ॒रू अ॑नु॒सर्प॒त्यथो॒ एति॑ ग॒वीनि॑के । यक्ष्मं॑ ते अ॒न्तरङ्गे॑भ्यो ब॒हिर्निर्म॑न्त्रयामहे ॥ (७)
जो गवीनिका नाम की नाड़ियों में तथा जंघाओं में घूमता है, उस यक्ष्मा रोग को हम तेरे अंतरंग अंगों से बाहर निकालते हैं. (७)
Which roams in the veins and thighs called Gavinica, we remove that tuberculosis disease from your intimate organs. (7)

अथर्ववेद (कांड 9)

अथर्ववेद: | सूक्त: 13
यदि॒ कामा॑दपका॒माद्धृद॑या॒ज्जाय॑ते॒ परि॑ । हृ॒दो ब॒लास॒मङ्गे॑भ्यो ब॒हिर्निर्म॑न्त्रयामहे ॥ (८)
हृदय की शक्ति कम करने वाला जो रोग काम के वश में होने अथवा न होने से उत्पन्न होता है, उस बलास (कफ) रोग को हम तेरे अंगों से बाहर निकालते हैं. (८)
The disease that reduces the power of the heart, which arises due to being under the control of work or not, we remove that balas (phlegm) disease from your organs. (8)
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